मार्केटिंग बिज़नस के लिए सबसे जरुरी होता है विस्वाश और इसके लिए फेस टू फेस डील ही सबसे जरुरी है।


ढेर सारी कंपनियां मार्केटिंग बिज़नस करती हैं और कुछ ही कंपनियां हैं जो इसमें कामयाब हो पाती हैं। कामयाब कंपनियों ने एक अच्छी रणनीति से काम किया होता है और कामयाब कंपनियों के लिए उस कंपनी के कर्मचारी सबसे अहम भूमिका होती है। जब किसी कंपनी के पास एक अच्छा प्रोडक्ट होता है और उस प्रोडक्ट की मार्किट में जरुरत होती है तो इस लिहाज से प्रोडक्ट का मार्किट में बिकना लाजमी है। अगर हम भारत जैसे बड़े देश की बात करें तो यहाँ पर बहुत सारी संभावनाएं हैं की आप एक अच्छा बिज़नस स्टैंड बना सकते हैं। परन्तु इसके लिए सबसे पहले आपको अपने प्रोडक्ट को बड़े बड़े शहरो में प्रमोट करने के लिए एक अच्छी टीम की जरुरत है टीम ही नहीं बल्कि एक हार्ड वर्क करने वाली टीम की जरुरत। इसके साथ टीम के लिए गाइड लाइन की भी जरुरत है। जब आप अपना खुद का बिज़नस करना चाहते है तो फिर इसके लिए आपको और भी ज्यादा हार्ड वर्क करने की जरुरत है तभी आपका प्रोडक्ट मीडिया में पॉपुलर हो सकता है।

चलो बात करते है। वेबसाइट डिजाईन कंपनियां अपना बिज़नस कैसे कर रही हैं। अगर आप पिछले 10 सालों की बात करें तो भारत में बहुत कम कंपनियां थी जो वेबसाइट डिजाईन कि फील्ड में काम करती थी लेकिन आज हर छोटे बड़े शहर में अनेकों कंपनियां वेबसाइट डिजाईन की सुबिधा प्रदान कर रही हैं। इन्टरनेट से सम्बंधित सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनियां जरुरत मंद लोगों को ईमेल के जरिये लुभाने की कोशिस करती हैं। लेकिन इस रणनीति के तहत हम बहुत कम ऑर्डर बुक कर पाते हैं। अब वो समय ही नहीं रहा। भारत जैसे बड़े देश में इन्टरनेट कलावड़ दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है जिसके कारण लोगों के पास एक ऐसी तलाश करने की होड़ मची है कि हमें हमारी जरुरत के अनुसार सबसे कम खर्च में कहाँ से सुबिधा मिल सकती है।

एक समय था जब वेबसाइट डिजाईन करने के लिए किसी कंपनी को सोचना पड़ता था। और आज का समय ऐसा है की वेबसाइट बनाना कोई बड़ी बात नहीं क्योंकी जो कंपनियां वेबसाइट डिजाईन करने का काम करती हैं। उनमें वेबसाइट डिजाईन की कीमत को लेकर होड़ मची है। इसका कारण है जब कोई कर्मचारी किसी वेबसाइट डिजाईन कि कंपनी में काम करता है और कुछ सालों का तजर्बा लेने के बाद अपना काम शुरू कर देते हैं तो अब इन्हे भी मार्किट में काम करना होता है और इस तरह के कई सारे लोग हैं जो वेबसाइट डिजाईन की सुबिधा देने में लगे हुए हैं। और अगर सारी मार्किट को आपको अपनी तरफ करना है तो सबसे जरुरी है आपका सर्विस देने का मूल्य क्या है जिसकी बजह से वेबसाइट डिजाईन करने वाला आपकी तरफ आने को तैयार हो जाए। कोई 20,000 रूपये में कोई 10,000 रूपये में कोई 6,000 रूपये में कोई 2,000 रूपये में तो कोई 1,000 में वेबसाइट डिजाईन करके देने को तैयार है अब यहाँ पर सोचने वाली बात यह है कि जो काम एक बड़े मूल्य पर किया जा रहा है उस काम की इतनी कम कीमत कैसे हो सकती है।

बात करते हैं कम मूल्य में वेबसाइट डिजाईन करने वालों की। अगर कोई कम मूल्य पर आपकी वेबसाइट डिजाईन कर देता है और आपकी वेबसाइट बन भी जाती है तो हमें सबसे पहले यह जानना जरुरी हो जाता है कि इतना कम मूल्य क्यों है। तो वेबसाइट डिजाईन करने वाला आपको यही बताएगा की हमारे पास ये सुबिधा है जिसके जरिये हम आपको कम मूल्य में वेबसाइट बनाकर दे सकते हैं और इतनी बात कहकर अपना पला झाड़ लेते हैं या फिर मार्किट में कॉम्पिटशन की बात कह कर पला झाड़ लेते हैं। परन्तु मैं ऐसी बातों से कोई इतेफाक नहीं रखता। मैं मानता हूँ अगर एक वेबसाइट डिजाईन करने का इतना कम मूल्य है तो इसके पीछे एक अहम कारण का होना जरुरी है।

“जे एस ग्रुप ऑफ़ कॉन्सेप्ट्स” अगर 1,100 रूपये और 1,600 रूपये में वेबसाइट बनाकर दे रहा है तो इसके पीछे क्या कारण है। “जे एस ग्रुप ऑफ़ कॉन्सेप्ट्स” एक छोटे स्तर की होम बेस्ड इन्टरनेट मार्केटिंग और वेबसाइट डिजाईन का काम करने वाली कंपनी है जिसके ओनर श्री जितेन्द्र शर्मा हैं। और जितेन्द्र शर्मा 2008 से लेकर 3 मार्च 2016 तक इन्टरनेट मार्केटिंग का काम करते आ रहे हैं अब इन्होंने वेबसाइट डिजाईन करने का काम भी शुरू कर दिया है। जितेन्द्र शर्मा के एक USA के क्लाइंट ने 2012 में कहा था की जितेंद्र हिमाचल प्रदेश में इन्टरनेट कलावड़ नहीं है मैं आपके साथ लम्बे समय तक बिज़नस नहीं कर पाउँगा और जिस तरह से हमारे इन्टरनेट पर बिज़नस करने का तरीका था उसके हिसाब से हिमाचल प्रदेश में इन्टरनेट कलावड़ बहुत कम था। लेकिन इतने बड़े प्रदेश में इन्टरनेट कलावड़ को कैसे बढ़ाया जाए यह एक बड़ा प्रशन था। इसके साथ अगर शहर में पढ़ने वाले बच्चो के स्कूलों की वेबसाइट बनी होती और बच्चे अपनी प्रतिभा को इन्टरनेट के जरिये जब अपने स्कूल की वेबसाइट पर देखते तो इस लिहाज से हिमाचल प्रदेश के गाँव से पढ़ने वाले बच्चो को अपनी प्रतिभा को निखार देने के लिए हमारे स्कूलों की वेबसाइट नहीं है।

मैं जितेंद्र शर्मा मेरे सामने ये दो बड़े प्रशन थे। और इसके चलते मैंने एक रणनीति तैयार कि। “LOW COST BEST QUALITY” का फॉर्मूला। और इस रणनीति को लेकर मैंने अपने USA के क्लाइंट के साथ डील की। इस डील के तहत क्लाइंट ने मुझे “पर” 10 वेबसाइट डिजाईन करने पर 100$ का बोन्स देना तय किया। 100$ का बोन्स मुझे तभी मिलना था जब मैं पहली 10 वेबसाइट महज 2 महीनों में तैयार कर देता। लेकिन जब मैं मार्केट में निकला और स्कूलों के साथ संपर्क करना शुरू किया तो मुझे अच्छे परिणाम मिलने शुरू हुए और पहली 10 वेबसाइट मैंने 1 महीने से पहले ही बना डाली क्लाइंट ने मेरे काम को देखते हुए मेरा पहला 100$ का बोन्स रिलीज कर दिया और मेरे लिए सबसे ख़ुशी की बात यह थी की यह बोन्स 100$ से क्लाइंट ने बढ़ाकर 200$ कर दिया है। अब तक “जे एस ग्रुप ऑफ़ कॉन्सेप्ट्स” ने लगभग 60 स्कूलों की वेबसाइट बना दी है जिसमें सबसे ज्यादा सरस्वती विद्या मन्दिर शामिल हैं। भारत देश जब गुलाम था तो अंग्रेजो ने भारत से धन दौलत घोड़ो पर लाद कर और ट्रेनों में भरकर अपने देशों में पहुँचाई भारत के लोगों के साथ धोखा धड़ी की और भारत देश को कंगाल बना दिया मेरा मानना है आज हिन्दुस्तान के लोगों के पास टैलेंट की कमी नहीं है। हम भारत देश को फिर से सोने की चिड़िया तो नहीं बना सकते परन्तु कोशिस करने में हर्ज ही क्या है।

हमारी यह कोशिस कामयाब भी हो रही है “जे एस ग्रुप ऑफ़ कॉन्सेप्ट्स” कि अपनी 7 वेबसाइट हैं और हमने GOOGLE ADSENSE से अपना पहला 100$ का अमाउंट ले लिया है। जिसका प्रूफ निचे दिया गया है। धीरे धीरे यह अमाउंट बढ़ता जायेगा और हर वेबसाइट से हमें अच्छी खासी कमाई भी करनी है। जिसके लिए हम GOOGLE ADSENSE की रणनीतियों पर नजर बनाये हुए हैं और सरस्वती विद्या मन्दिरों की जो वेबसाइट हमने बनाई हैं उनसे आने वाले समय में कैसे इनकम करनी है उसके लिए भी एक रणनीति बनाई जा रही है।

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मैं सभी सरस्वती विद्या मन्दिरों के प्रधानाचार्यो से निवेदन करता हूँ की आप अपनी वेबसाइट को हर महीने अपडेट करते रहें ताकि हम जिस मिशन के लिए यह काम कर रहें हैं वहाँ तक पहुंच सके EDUCATION के लिए अच्छे से अच्छे आर्टिकल्स लिखते हैं अपने विद्यालय के बारे में ज्यादा से ज्यादा लिखें ताकि हम आपके स्कूल की वेबसाइट के ऊपर GOOGLE की ADS लगा सकें। जितना ज्यादा इन्टरनेट ट्रैफिक आपकी वेबसाइट से होगा उतना ज्यादा EARN करने की सम्भावना बनेगी।



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